चैन सुख शांति सब खो जाती है
जब मेरे मोबाइल की घंटी घनघनाती हैइसी
दहसत में अक्सर जीता हूँ
क्या पता कॉल किसकी आती हैमेरी
रिंग टोन में गाने हैं बहुत
बेबसी मेरी छट पटाती है
मुझे छोडो मेरे ज़माने में
मेरी दादी मुझे बुलाती है.-Lalit
Tuesday, September 15, 2009
Tuesday, August 18, 2009
hello again
ढूंढो फिर इस दौर में अपने-२ यार
बहुमंजिले बाज़ार में खोया है संसार
भाग दौड़ में शहर धुत राजनीति में गाँव
ओ सुकून तू है कहाँ मनवा पूछे ठांव ?
-ललित
बहुमंजिले बाज़ार में खोया है संसार
भाग दौड़ में शहर धुत राजनीति में गाँव
ओ सुकून तू है कहाँ मनवा पूछे ठांव ?
-ललित
Friday, July 3, 2009
suniye ji
१.कुँए में उतने लोग नहीं
गिरे जितने बोर वेल में गिरते हैं
क्योंकि वेल-बोर्ड कुआँ
तुम्हारे गिरने की गारंटी है
२.बेबस lokatantra
dekho, खाओ चबाओ
फिर मुंह ढक कर सो जाओ.
३.तुम्हे मुबारक
तुम्हारी व्यवस्था
तुम्हारा तंत्र भाड़ में जायकबाड़ में जाय .(ललित)
गिरे जितने बोर वेल में गिरते हैं
क्योंकि वेल-बोर्ड कुआँ
तुम्हारे गिरने की गारंटी है
२.बेबस lokatantra
dekho, खाओ चबाओ
फिर मुंह ढक कर सो जाओ.
३.तुम्हे मुबारक
तुम्हारी व्यवस्था
तुम्हारा तंत्र भाड़ में जायकबाड़ में जाय .(ललित)
Friday, June 19, 2009
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